एल नीनो का संकट: तेलंगाना में सूखे की चेतावनी, सीएम ने मांगा एक्शन प्लान

तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने राज्य में एल नीनो (El Niño) के कारण पैदा हो रहे संकट को देखते हुए अधिकारियों को बेहद सतर्क रहने और एक मजबूत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने अपने जुबली हिल्स स्थित निवास पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की, जिसमें राज्य में सूखे जैसी स्थिति और उसके संभावित प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की गई।
इस बैठक में सरकारी सलाहकार रामकृष्ण राव, सांसद वेम नरेंद्र रेड्डी, मुख्य सचिव संजय जाजू, डीजीपी सीवी आनंद और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि यदि एल नीनो के कारण आने वाले संकट का समय रहते अनुमान नहीं लगाया गया, तो भविष्य में गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
बिजली और पानी के संकट से निपटने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार को विशेष रूप से पीने के पानी, सिंचाई, कृषि और बिजली की आपूर्ति से जुड़ी चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निम्नलिखित निर्देश दिए:
- बिजली की बचत: बाजार में बिजली की उपलब्धता कम होने के कारण, अधिकारियों को बिजली का विवेकपूर्ण उपयोग सुनिश्चित करने को कहा गया है। साथ ही, जहाँ संभव हो, बिजली की अत्यधिक खपत वाली गतिविधियों को अस्थायी रूप से स्थगित करने की सलाह दी गई है।
- पानी का संरक्षण: मुख्यमंत्री ने आदेश दिया कि खड़ी फसलों का आकलन किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि कटाई पूरी होने तक पानी की कोई कमी न हो। उन्होंने जोर देकर कहा कि पानी की एक भी बूंद बर्बाद नहीं होनी चाहिए।
जागरूकता अभियान और 'वॉर रूम' की स्थापना
एल नीनो के प्रभाव के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए सरकार एक व्यापक अभियान शुरू करने जा रही है। इस अभियान के तहत:
- गाँव से लेकर राज्य स्तर तक टीवी चैनलों, सिनेमा हॉल और सांस्कृतिक दलों के माध्यम से लोगों को शिक्षित किया जाएगा।
- स्थिति की निरंतर निगरानी के लिए एक 'वॉर रूम' स्थापित किया जाएगा।
- आम जनता की सहायता के लिए एक टोल-फ्री हेल्पलाइन भी शुरू की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले आठ महीने इस संकट से निपटने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने इस योजना को लागू करने में जनता को भी भागीदार बनाने की बात कही।
केंद्र से 20,000 करोड़ रुपये की मांग
राज्य के लगभग 215 मंडलों में सूखे जैसी स्थिति बनी हुई है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, तेलंगाना सरकार ने विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार से इन क्षेत्रों को सूखा प्रभावित घोषित करने की अपील की है। सरकार ने निम्नलिखित मांगें रखी हैं:
- सूखा प्रभावित क्षेत्रों के लिए 20,000 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज दिया जाए।
- रोजगार गारंटी योजना के तहत मानक 125 दिनों के बजाय 50 अतिरिक्त दिनों का रोजगार प्रदान किया जाए।