विजयदशमी पर सीएम रेवंत रेड्डी का संदेश: बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने विजयदशमी के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने इस त्योहार को बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक बताया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और मानवीय मूल्यों को अपनाने का संदेश दिया।
साहस, सत्य और एकता का संदेश
मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, रेवंत रेड्डी ने कहा कि विजयदशमी का त्योहार तेलंगाना की संस्कृति और परंपराओं में एक विशेष स्थान रखता है। यह पर्व हमें साहस, धर्म, सत्य, एकता और आत्मविश्वास जैसे महान मूल्यों की याद दिलाता है।
मुख्यमंत्री ने लोगों से आह्वान किया कि वे अहंकार, ईर्ष्या, घृणा और अन्याय जैसी नकारात्मक प्रवृत्तियों को त्याग दें। उन्होंने कहा कि यह समय एक ऐसे समाज के निर्माण की दिशा में बढ़ने का है जो प्रेम, करुणा, भाईचारे और मानवता की जड़ों पर आधारित हो।
जम्मी पेड़ और परंपराओं का महत्व
मुख्यमंत्री ने तेलंगाना की एक अनूठी और समृद्ध परंपरा का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि यहाँ 'जम्मी पेड़' की पूजा करने और उसके पत्तों को 'सोना' मानकर बड़ों से आशीर्वाद लेने की परंपरा है।
उन्होंने कहा कि यह विशेष रिवाज हमें न केवल प्रकृति के प्रति प्रेम करना सिखाता है, बल्कि अपने बुजुर्गों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता दिखाने की प्रेरणा भी देता है। साथ ही, उन्होंने देवी दुर्गा द्वारा महिषासुर के वध और भगवान राम की रावण पर विजय की ऐतिहासिक जीत को भी याद किया।
जगन मोहन रेड्डी ने भी दी बधाई
पूर्व मुख्यमंत्री और वाईएससीपी अध्यक्ष वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी ने भी आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और दुनिया भर में रहने वाले तेलुगु लोगों को विजयदशमी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने मां दुर्गा के आशीर्वाद की कामना करते हुए प्रार्थना की कि सभी परिवारों को शांति, सुख, समृद्धि और सफलता प्राप्त हो।