तेलंगाना बनेगा $1 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था, CM रेवंत रेड्डी ने बताया मास्टर प्लान

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने राज्य के आर्थिक भविष्य को लेकर एक बहुत बड़ा और महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। हैदराबाद में आयोजित 'समख्या' (SAMAKHYA) ग्लोबल समिट के दौरान उन्होंने घोषणा की कि तेलंगाना 2034 तक एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था और 2047 तक तीन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा।
CURE, PURE और RARE: विकास का नया मास्टर प्लान
मुख्यमंत्री ने इस विशाल आर्थिक लक्ष्य को हासिल करने के लिए एक विशेष विकास रणनीति साझा की। उन्होंने बताया कि राज्य के विभिन्न क्षेत्रों को उनकी आर्थिक क्षमता के आधार पर तीन मुख्य ज़ोन में विकसित करने की योजना बनाई गई है:
- CURE क्षेत्र: यह हैदराबाद के आउटर रिंग रोड (ORR) के भीतर का इलाका होगा। इसे सूचना प्रौद्योगिकी (IT), सेवा क्षेत्र, अत्याधुनिक तकनीक और नवाचार (Innovation) के एक प्रमुख हब के रूप में विकसित किया जाएगा।
- PURE क्षेत्र: यह आउटर रिंग रोड (ORR) और रीजनल रिंग रोड (RRR) के बीच का क्षेत्र होगा। यहाँ का मुख्य ध्यान मैन्युफैक्चरिंग उद्योगों, इंडस्ट्रियल पार्कों और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को बढ़ावा देने पर होगा।
- RARE क्षेत्र: इसे 'रूरल एग्रीकल्चर रीजन इकोनॉमी' (Rural Agriculture Region Economy) कहा गया है। यह क्षेत्र मुख्य रूप से कृषि, खाद्य प्रसंस्करण (Food Processing), कृषि-आधारित उद्योगों और ग्रामीण रोजगार को प्राथमिकता देगा।
भारत की GDP में हिस्सेदारी बढ़ाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा कि राज्य सरकार तेलंगाना को वैश्विक निवेशकों के लिए दुनिया का सबसे पसंदीदा गंतव्य बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने एक और महत्वपूर्ण लक्ष्य साझा करते हुए कहा कि तेलंगाना का उद्देश्य भारत की कुल जीडीपी (GDP) में अपने योगदान को वर्तमान 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत तक ले जाना है।