टम्मीडीहट्टी बैराज: महाराष्ट्र के साथ बातचीत जारी रखने के सीएम के निर्देश
तेलंगाना सीएम रेवंत रेड्डी ने टम्मीडीहट्टी बैराज के लिए महाराष्ट्र के साथ बातचीत जारी रखने और मुआवजे के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया है।

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने टम्मीडीहट्टी बैराज के प्रस्तावित निर्माण को लेकर महाराष्ट्र सरकार के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने का आदेश दिया है। उन्होंने सिंचाई अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे महाराष्ट्र के साथ अच्छे संबंध बनाए रखें और इस महत्वपूर्ण परियोजना पर बातचीत को बिना किसी बाधा के आगे बढ़ाएं।
दस्तावेजों और डूब क्षेत्र के विवरण की तैयारी
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे डूब क्षेत्र (submerged areas) के व्यापक और सटीक विवरण के साथ पूरी तरह तैयार रहें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मौजूदा समझौतों, कानूनी दस्तावेजों और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों से संबंधित सभी आवश्यक जानकारी महाराष्ट्र सरकार के साथ साझा की जानी चाहिए ताकि किसी भी तरह के भ्रम की स्थिति न बने।
मुख्यमंत्री और सिंचाई मंत्री एन उत्तम कुमार रेड्डी ने मंगलवार को जुबली हिल्स स्थित अपने आवास पर टम्मीडीहट्टी बैराज के संबंध में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में हाल ही में महाराष्ट्र के साथ हुई चर्चाओं और उससे जुड़े अन्य तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
मुआवजे और संयुक्त खाते का प्रस्ताव
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने एक महत्वपूर्ण आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि तेलंगाना सरकार महाराष्ट्र के उन क्षेत्रों के लिए पर्याप्त मुआवजा देने के लिए पूरी तरह तैयार है, जो बैराज के कारण डूब सकते हैं। इसके अलावा, सरकार ने दोनों राज्यों के बीच एक संयुक्त खाते (joint account) में आवश्यक धनराशि जमा करने का भी प्रस्ताव रखा है।
महाराष्ट्र के सर्वेक्षण का होगा स्वागत
राज्य सरकार ने इस मामले में एक सकारात्मक और लचीला रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि महाराष्ट्र डूबने वाले संभावित क्षेत्रों का अपना स्वयं का सर्वेक्षण करना चाहता है, तो तेलंगाना सरकार को इससे कोई आपत्ति नहीं होगी। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि महाराष्ट्र द्वारा मांगी गई किसी भी जानकारी को समय पर और पूरी सटीकता के साथ उपलब्ध कराया जाए ताकि प्रक्रिया में देरी न हो।
इस समीक्षा बैठक में सिंचाई सलाहकार आदित्यनाथ दास, सिंचाई विभाग के सचिव श्रीधर, इंजीनियर-इन-चीफ रमेश और विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।