तेलंगाना में पानी पर महासंग्राम: कांग्रेस का बड़ा दावा- 'DK शिवकुमार मान गए, विपक्ष सिर्फ डर फैला रहा है'

Ghazala Saheb24 September 20262 min read1 viewBihar
तेलंगाना में पानी पर महासंग्राम: कांग्रेस का बड़ा दावा- 'DK शिवकुमार मान गए, विपक्ष सिर्फ डर फैला रहा है'

तेलंगाना में पानी की उपलब्धता को लेकर सियासत पूरी तरह गरमा गई है। जुराला प्रोजेक्ट (Jurala Project) से पानी छोड़ने को लेकर चल रहे विवाद के बीच कांग्रेस ने एक बड़ा दावा किया है। कांग्रेस नेता वी हनुमान्त राव ने कहा है कि कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार तेलंगाना को पीने का पानी देने के लिए सहमत हो गए हैं, जिससे पानी के संकट की आशंकाएं दूर हो गई हैं।

विपक्ष पर 'कृत्रिम डर' पैदा करने का आरोप

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वी हनुमान्त राव ने बीआरएस (BRS) और बीजेपी (BJP) पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्षी दल तेलंगाना में पानी की कमी का मुद्दा उठाकर जनता के बीच कृत्रिम घबराहट पैदा कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष यह दावा कर रहा है कि कल से पीने के पानी की भारी किल्लत हो जाएगी, जबकि वास्तविकता इससे कोसों दूर है।

सरकार की सक्रियता और कर्नाटक से समझौता

हनुमान्त राव ने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी की सरकार का बचाव करते हुए बताया कि सरकार इस मुद्दे को सुलझाने के लिए पूरी तरह सक्रिय है। उन्होंने प्रमुख बातें साझा कीं:

  • मुख्यमंत्री के नेतृत्व में मंत्री श्रीहरि और विधायकों का एक दल कर्नाटक गया था।
  • इस महत्वपूर्ण वार्ता के बाद डीके शिवकुमार ने तेलंगाना को पीने का पानी देने की सहमति दे दी है।
  • कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि पानी की कोई कमी नहीं है और वे विपक्ष को कोई राजनीतिक लाभ नहीं लेने देंगे।

केटीआर का तीखा हमला: 'कुंभकर्ण सरकार' पर साधा निशाना

दूसरी ओर, बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव (KTR) ने कांग्रेस सरकार की कार्यप्रणाली पर बेहद कड़े शब्दों में प्रहार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की लापरवाही के कारण जुराला प्रोजेक्ट से पानी नहीं मिल पा रहा है, जिसके चलते किसानों के खेत सूख रहे हैं।

"जब जुराला प्रोजेक्ट से पानी न मिलने के कारण खेत पूरी तरह सूख रहे हों, तब किसानों का अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना वास्तव में प्रेरणादायक है। इस 'कुंभकर्ण सरकार' को हटाना ही होगा!"

केटीआर ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि बीआरएस का लक्ष्य अगले दो वर्षों तक तेलंगाना के लोगों की बुनियादी जरूरतों और उनके अधिकारों के लिए संघर्ष करना है। उन्होंने किसानों के संघर्ष की सराहना की और कहा कि सरकार की उदासीनता के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी।

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