ठाकुरगंज-बहादुरगंज को अनुमंडल बनाने की मांग पर सरकार की बड़ी कार्रवाई

किशनगंज जिले के ठाकुरगंज और बहादुरगंज को अनुमंडल बनाने की वर्षों पुरानी मांग अब सरकारी कार्रवाई के स्तर पर पहुंच गई है। सांसद डॉ. मोहम्मद जावेद आजाद द्वारा मुख्यमंत्री के समक्ष लगातार उठाए जा रहे इस मुद्दे पर बिहार सरकार के मुख्यमंत्री सचिवालय ने गंभीरता से संज्ञान लिया है।
मुख्यमंत्री सचिवालय ने दिए जांच के निर्देश
मुख्यमंत्री सचिवालय ने इस मामले को देखते हुए संबंधित विभाग को गहन छानबीन करने और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री सचिवालय के उप सचिव अभिषेक श्रीवास्तव ने अपर मुख्य सचिव, मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग को इस संबंध में पत्र जारी किया है।
इस पत्र में सांसद डॉ. जावेद आजाद द्वारा भेजे गए ई-मेल और उनके प्रस्ताव का उल्लेख किया गया है। सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि संबंधित प्रकरण की पूरी जांच की जाए और इस पर समुचित निर्णय लिया जाए। साथ ही, इस प्रक्रिया के दौरान की गई हर कार्रवाई की सूचना सांसद के साथ-साथ मुख्यमंत्री सचिवालय को भी उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
स्थानीय लोगों को मिलेगी प्रशासनिक सेवाओं में बड़ी राहत
सरकार के स्तर से शुरू हुई इस कार्रवाई के बाद ठाकुरगंज और बहादुरगंज क्षेत्र के लोगों में अनुमंडल गठन की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। अनुमंडल बनने से क्षेत्र के निवासियों को कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्यों के लिए अब लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी।
अनुमंडल का दर्जा मिलने से निम्नलिखित सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगी:
- राजस्व संबंधी कार्य: जमीन और लगान से जुड़े काम अब पास में ही हो सकेंगे।
- भूमि संबंधी मामले: भूमि सुधार और अन्य कागजी कार्रवाई में आसानी होगी।
- विधि-व्यवस्था: स्थानीय स्तर पर कानून और व्यवस्था अधिक प्रभावी होगी।
- प्रशासनिक सेवाएं: विभिन्न सरकारी विभागों की पहुंच आम जनता के करीब होगी।
सांसद डॉ. मोहम्मद जावेद आजाद ने मुख्यमंत्री सचिवालय के इस कदम का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि किशनगंज लोकसभा क्षेत्र के विकास और आम लोगों की सुविधाओं के लिए वे लगातार प्रयास कर रहे हैं। अनुमंडल बनने से प्रशासनिक व्यवस्था न केवल मजबूत होगी, बल्कि आम जनता के लिए सरकारी सेवाओं का लाभ लेना भी सरल हो जाएगा।