ठाकुरगंज और बहादुरगंज को अनुमंडल बनाने की मांग तेज

Ghazala Saheb28 September 20262 min read4 viewsBihar
ठाकुरगंज और बहादुरगंज को अनुमंडल बनाने की मांग तेज

किशनगंज जिले के ठाकुरगंज और बहादुरगंज को नया अनुमंडल बनाने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। किशनगंज लोकसभा क्षेत्र के सांसद डॉ. मोहम्मद जावेद आजाद ने इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पूर्णिया प्रमंडल के प्रमंडलीय आयुक्त को एक पत्र लिखा है। उन्होंने आग्रह किया है कि नियमों के अनुसार जल्द से जल्द प्रस्ताव तैयार कर इसे सरकार के सक्षम स्तर पर भेजा जाए।

जनहित में अनुमंडल का दर्जा जरूरी

सांसद डॉ. जावेद आजाद ने अपने पत्र में इस मांग के पीछे ठोस तर्क दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन क्षेत्रों की भौगोलिक स्थिति, बड़ी आबादी, प्रशासनिक दूरी और सीमावर्ती क्षेत्रों की परिस्थितियों को देखते हुए ठाकुरगंज और बहादुरगंज को अनुमंडल का दर्जा देना जनहित में बेहद आवश्यक है। वर्तमान में, इन क्षेत्रों के लोगों को छोटे-छोटे प्रशासनिक कार्यों के लिए भी काफी लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।

सांसद के अनुसार, नए अनुमंडल के गठन से स्थानीय लोगों को निम्नलिखित सुविधाएं मिल सकेंगी:

  • प्रशासनिक और लोककल्याणकारी सेवाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेंगी।
  • सुदूर और सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों को दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
  • विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन अधिक सुगमता से होगा।

प्रशासनिक प्रक्रिया में देरी पर सवाल

इस मांग को लेकर पहले भी मुख्यमंत्री और सामान्य प्रशासन विभाग जैसे उच्च स्तरों पर आवाज उठाई जा चुकी है। सांसद ने बताया कि मुख्यमंत्री सचिवालय ने 25 जुलाई 2026 को इस मामले को आवश्यक कार्रवाई के लिए सामान्य प्रशासन विभाग को भेजा था।

"सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से 15 सितंबर 2026 को यह जानकारी दी गई कि ठाकुरगंज एवं बहादुरगंज को अनुमंडल बनाने संबंधी प्रस्ताव प्रमंडलीय आयुक्त और जिलाधिकारी से प्राप्त नहीं हुआ है।"

इसी देरी को देखते हुए सांसद ने अब प्रमंडलीय आयुक्त से मांग की है कि वे जनसंख्या, क्षेत्रफल, प्रशासनिक दूरी और प्रखंडों की स्थिति का गहन परीक्षण करें। उन्होंने आग्रह किया है कि नियमसम्मत प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेजा जाए और अब तक इस दिशा में हुई कार्रवाई से उन्हें अवगत कराया जाए।

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