पर्यावरण संरक्षण के लिए पश्चिम चंपारण में थारू समाज का 48 घंटे का ग्रीन लॉकडाउन शुरू

Ghazala Saheb31 August 20261 min read18 viewsBihar
पर्यावरण संरक्षण के लिए पश्चिम चंपारण में थारू समाज का 48 घंटे का ग्रीन लॉकडाउन शुरू

पश्चिम चम्पारण के बगहा स्थित संतपुर-सोहरिया पंचायत में थारू समाज ने पर्यावरण संरक्षण के लिए 48 घंटे का 'ग्रीन लॉकडाउन' शुरू किया है। इस दौरान गांव की रोजमर्रा की गतिविधियां पूरी तरह से ठप्प कर दी गई हैं। ग्रामीण अपने खेतों में न हल चला रहे हैं, न मजदूरी कर रहे हैं और न ही अनावश्यक आवाजाही कर रहे हैं। बाहरी लोगों के गांव में प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है और ग्रामीण घरों में रहकर प्रकृति को दो दिन का आराम दे रहे हैं।

बरना पर्व और नियमों की जानकारी

थारू समाज की मान्यता है कि मॉनसून के दौरान धरती पर हरियाली, नई वनस्पतियां, घास और पौधों का नवसृजन होता है। इनको नुकसान से बचाने के लिए बरना पर्व मनाकर ग्रामीण खुद को घरों तक सीमित रखते हैं। इस अवधि में पेड़ की पत्ती, घास या तिनका तोड़ना भी मना है। सामुदायिक नियमों का उल्लंघन करने पर पांच सौ रुपया जुर्माना लगाया जा सकता है।

पूजा-अर्चना और सुरक्षा के उपाय

बरना पर्व की शुरुआत गांव के ब्रह्मस्थान पर वनदेवी की पूजा-अर्चना से हुई। इसके बाद पीपल के पेड़ की विशेष पूजा की गई, जिसे गुरु ने मंत्रोच्चार के साथ किया और महिलाओं ने भोग अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की। भंडारी द्वारा बरना लगने की घोषणा के साथ ही गांव की सभी गतिविधियां बंद कर दी गई हैं। ग्रामीणों ने पहले से ही भोजन का प्रबंध कर लिया है और निगरानी के लिए आठ डेंगवाहक हाथों में लाठी लेकर गांव की सीमाओं पर पहरा दे रहे हैं। अभिमंत्रित अक्षत से गांव की सीमा बांधी गई है और लॉकडाउन पूरा होने के बाद दोबारा पूजा के साथ सामान्य गतिविधियां शुरू होंगी।

Share:

Comments

Leave a comment