टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग: 'धमकियां बर्दाश्त नहीं होंगी', शिंदे ने दिया सुरक्षा का भरोसा

मुंबई में बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले के बाद शहर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हड़कंप मच गया है। इस गंभीर घटना के बाद महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अभिनेता टाइगर श्रॉफ और उनकी मां आयशा श्रॉफ से उनके आवास पर मुलाकात की। शिंदे ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि मुंबई में किसी भी प्रकार की धमकी या गुंडागर्दी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अभिनेता और उनके परिवार से मिलकर उपमुख्यमंत्री ने जताया समर्थन
मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना रविवार शाम करीब 7 बजे की है जब टाइगर श्रॉफ मुंबई में एक फुटबॉल क्लब से बाहर निकल रहे थे। अज्ञात हमलावरों ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस हमले में कुल 5 राउंड गोलियां चलाई गईं। सौभाग्य से टाइगर को गोली नहीं लगी, लेकिन उनके ड्राइवर को गोली लगने से चोटें आई हैं।
टाइगर श्रॉफ के हाथ पर भी कांच के टुकड़ों और बारूद के कारण चोट के निशान देखे गए हैं। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि टाइगर और उनकी मां इस घटना से काफी डरे हुए और स्तब्ध हैं। उन्होंने परिवार को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार हर संभव सहायता प्रदान करेगी।
"यह एक बड़ी घटना है। पांच राउंड फायरिंग की गई, लेकिन सौभाग्य से वह सुरक्षित हैं। उनके ड्राइवर को चोटें आई हैं और यह घटना निंदनीय है। मैंने अभिनेता से मुलाकात की है; उनके बाएं हाथ पर बारूद और कांच के टुकड़ों के कारण चोटें आई हैं। मैंने उन्हें आश्वासन दिया है कि सार्वजनिक हस्तियों को दी जाने वाली खुली धमकियों के खिलाफ राज्य सरकार उनके साथ खड़ी है। किसी भी तरह की धमकी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।" — एकनाथ शिंदे
क्या मुंबई में फिर लौट रहे हैं 90 के दशक वाले गैंगवार?
इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए शिंदे ने मुंबई के पुराने दिनों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 1990 के दशक में मुंबई में गैंग से जुड़ी गतिविधियां काफी बढ़ गई थीं, लेकिन मुंबई पुलिस ने 1995 तक उन्हें पूरी तरह नियंत्रित कर लिया था। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस तरह की गुंडागर्दी और लोगों को डराने की कोशिशों को जड़ से खत्म कर दिया जाएगा।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
पुलिस उपायुक्त (DCP) मोहित गर्ग के अनुसार, जुहू पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में हुई इस फायरिंग की घटना की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस हमलावरों की पहचान करने और इस हमले के पीछे के असली मकसद का पता लगाने में जुटी है। इस घटना ने मुंबई में सार्वजनिक हस्तियों की सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।