गौतम गंभीर के एक संदेश ने बदली तिलक वर्मा की किस्मत, न्यूजीलैंड के खिलाफ रचा इतिहास!

न्यूजीलैंड के खिलाफ रोमांचक जीत के बाद तिलक वर्मा ने बताया कि कैसे गौतम गंभीर के एक संदेश ने उन्हें मैच जिताने के लिए प्रेरित किया।

Ghazala Saheb24 October 20262 min read0 viewsBihar
गौतम गंभीर के एक संदेश ने बदली तिलक वर्मा की किस्मत, न्यूजीलैंड के खिलाफ रचा इतिहास!

न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में भारत ने एक ऐसी जीत दर्ज की, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा। इस रोमांचक मुकाबले में भारतीय बल्लेबाज तिलक वर्मा ने न केवल मैच जिताया, बल्कि यह भी बताया कि कैसे कोच गौतम गंभीर के चंद शब्दों ने उनके भीतर जीत का जुनून पैदा कर दिया। भारत ने इस जीत के साथ पांच मैचों की सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली है।

कोच के शब्दों ने दिया जीत का मंत्र

मैच के बाद भावुक और उत्साहित तिलक वर्मा ने खुलासा किया कि मैच से ठीक पहले उनके साथ क्या बातचीत हुई थी। उन्होंने बताया कि हेड कोच गौतम गंभीर और बैटिंग कोच सितांशु कोटक ने उन्हें मानसिक रूप से बहुत मजबूत बनाया था।

"उस कठिन समय में (जब 5 विकेट गिर गए थे), मैं बस अंत तक खेलने के बारे में सोच रहा था। मैच से ठीक पहले मेरी कोच गौतम सर और सितांशु कोटक सर से बात हुई थी। उन्होंने मुझसे बस एक बात कही— 'हम सब तुम पर विश्वास करते हैं और पूरा भारत तुम पर विश्वास करता है। अगर तुम अंत तक टिके रहे, तो तुम हमारे लिए मैच जीत जाओगे।' बस यही बात मेरे दिमाग में घूम रही थी," तिलक ने कहा।

जब 112 पर 6 विकेट गिर गए थे

मैच की स्थिति किसी भी भारतीय प्रशंसक के लिए डरावनी हो सकती थी। न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवरों में 180/5 का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया था। ग्लेन फिलिप्स की 70 रनों की पारी और बेवन जैकब्स के 58 रनों की बदौलत कीवी टीम ने मजबूत स्कोर बनाया।

लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम ने मात्र 40 रनों पर अपने सभी विकेट गंवा दिए थे और देखते ही देखते स्कोर 112 रन पर 6 विकेट हो गया। मिचेल सेंटनर की घातक गेंदबाजी ने भारतीय मध्यक्रम में तबाही मचा दी थी।

हैदराबाद के दो शेरों ने पलटा मैच

जब जीत की उम्मीदें लगभग खत्म हो चुकी थीं, तब दो हैदराबाद के लड़कों— तिलक वर्मा और नितीश कुमार रेड्डी ने मोर्चा संभाला। तिलक ने मात्र 26 गेंदों में नाबाद 51 रनों की तूफानी पारी खेली, जबकि नितीश ने 13 गेंदों में 26 रनों का योगदान देकर टीम को जीत की दहलीज पार कराई।

तिलक ने अपनी रणनीति के बारे में बताते हुए कहा:

  • स्पिनरों के खिलाफ समझदारी: तिलक ने बताया कि उन्होंने स्पिनरों के खिलाफ विकेटों के बीच तेजी से दौड़कर (Running between wickets) महत्वपूर्ण रन चुराए।
  • गैप्स का इस्तेमाल: उन्होंने स्पिनरों के खिलाफ गेंद को गैप में धकेलने और स्पिन के खिलाफ स्ट्राइक रोटेट करने पर ध्यान दिया।
  • तेज गेंदबाजों पर प्रहार: जब तेज गेंदबाज आए, तो उन्होंने उनके 'हिटिंग आर्क' में गेंद को मारकर छक्के जड़े।

तिलक ने नमन धीर की भी सराहना की, जिन्होंने संकट के समय 17 गेंदों में 31 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेलकर टीम को संभाला। इस शानदार वापसी ने साबित कर दिया कि भारतीय टीम किसी भी परिस्थिति से उबरने का दम रखती है।

Share:

Comments

Leave a comment