उद्धव-राज ठाकरे का मुंबई में महासंग्राम: चुनाव आयोग के खिलाफ निकलेगा 'गर्जना मोर्चा'

Prakriti Singh4 October 20262 min read0 viewsMaharashtra
उद्धव-राज ठाकरे का मुंबई में महासंग्राम: चुनाव आयोग के खिलाफ निकलेगा 'गर्जना मोर्चा'

मुंबई की सड़कों पर एक बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिल रहा है। शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे एक साथ मिलकर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एक विशाल विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करेंगे। यह विरोध प्रदर्शन चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और लोकतंत्र की रक्षा के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।

चुनाव आयोग के खिलाफ एकजुट हुए ठाकरे भाई

शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने इस विरोध प्रदर्शन को देश में व्याप्त 'हिटलर शासन' के खिलाफ एक सामूहिक प्रतिक्रिया बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग और अन्य संस्थानों को अपने नियंत्रण में रखकर लोकतंत्र और नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों की हत्या की जा रही है। राउत ने इस आंदोलन की तुलना 1857 के विद्रोह से करते हुए कहा कि यह चुनाव हड़पने, वोट चोरी करने और विधायकों-सांसदों की खरीद-फरोख्त के खिलाफ एक बड़ी क्रांति है।

उन्होंने आगे कहा, "राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे ने इस विरोध मार्च की घोषणा की है, जिसे पूरा महा विकास अघाड़ी (MVA) समर्थन दे रहा है। यह मार्च राष्ट्र को संबोधित करने के लिए एक बड़ा मंच बनेगा।"

'वोट चोरी' और 'तानाशाही' के खिलाफ विद्रोह

शिवसेना (UBT) सांसद अरविंद सावंत ने इस बात पर जोर दिया कि उद्धव और राज ठाकरे के एक साथ आने से इस आंदोलन को अभूतपूर्व शक्ति मिली है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के भीतर भ्रष्टाचार और उनके काम करने के तरीके को लेकर पूरे देश में आक्रोश है।

"आज दोनों भाई एक साथ खड़े हैं और उनका नारा है: 'चुनाव आयोग हटाओ, देश बचाओ।' 'देश बचाने' का अर्थ है देश के संविधान और लोकतंत्र को बचाना। जनता में भारी गुस्सा है और आज वह भावना इस विरोध प्रदर्शन के रूप में प्रकट होगी।"

वहीं, शिवसेना (UBT) नेता अनिल परब ने स्पष्ट किया कि यह विरोध केवल राजनीतिक दलों तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि यह उन सभी नागरिकों के लिए है जो मानते हैं कि उनके वोट देने का संवैधानिक अधिकार खतरे में है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए इसे 'वोट की चोरी' के खिलाफ लड़ाई करार दिया।

'गर्जना मोर्चा' का रूट और उद्देश्य

इस विरोध प्रदर्शन को 'गर्जना मोर्चा' का नाम दिया गया है। इस मार्च की मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:

  • प्रारंभिक बिंदु: यह मार्च मेट्रो स्टेशन से शुरू होगा।
  • गंतव्य: मार्च नगर निगम (Municipal Corporation) भवन तक जाएगा।
  • प्रतिभागी: इसमें शिवसेना (UBT), MNS के साथ-साथ कांग्रेस, एनसीपी, वामपंथी दल और किसान मजदूर पार्टी (PWP) जैसे दल शामिल होंगे।
  • मुख्य उद्देश्य: चुनाव आयोग में कथित घोटालों का विरोध करना और ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांगना।

संजय राउत ने बताया कि चूंकि गर्मी काफी अधिक है, इसलिए मार्च को जल्दी समाप्त करने की योजना बनाई गई है। इस मार्च के दौरान कई प्रमुख नेता जनता को संबोधित करेंगे और लोकतंत्र को बचाने का आह्वान करेंगे।

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