भुवनेश्वर में शहरी विकास का महाकुंभ: अर्बन मोबिलिटी इंडिया कॉन्फ्रेंस 2026
भुवनेश्वर में 23-25 अक्टूबर तक अर्बन मोबिलिटी इंडिया कॉन्फ्रेंस और नेशनल अर्बन कॉन्क्लेव आयोजित होगा, जिसमें शहरी विकास के भविष्य पर मंथन होगा।

भारत सरकार का आवास और शहरी मामलों का मंत्रालय (MoHUA), ओडिशा सरकार के सहयोग से इस सप्ताह भुवनेश्वर में दो बड़े और महत्वपूर्ण आयोजनों की मेजबानी करने जा रहा है। 23-24 अक्टूबर को 19वीं अर्बन मोबिलिटी इंडिया (UMI) कॉन्फ्रेंस और प्रदर्शनी 2026 का आयोजन किया जाएगा। इसके तुरंत बाद, 24-25 अक्टूबर को दूसरे 'नेशनल अर्बन कॉन्क्लेव' का आयोजन होटल मेफेयर सैंक्चुअरी, भुवनेश्वर में होगा।
'अर्बन राइजिंग' थीम पर होगा मंथन
इस वर्ष के नेशनल अर्बन कॉन्क्लेव का मुख्य विषय 'अर्बन राइजिंग – शहरी प्रणालियों, समाधानों और वितरण पर पुनर्विचार' (Urban Rising – Rethinking Urban Systems, Solutions and Delivery) रखा गया है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भारतीय शहरों के कामकाज को बेहतर बनाने के लिए शहरी प्रणालियों, संस्थानों और कार्यान्वयन तंत्र को मजबूत करना है।
मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव सतिंदर पाल सिंह ने बताया कि यह कॉन्क्लेव नीति निर्माताओं, शहरी प्रशासकों, तकनीकी विशेषज्ञों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के लिए एक साझा मंच प्रदान करेगा, जहाँ वे उभरती शहरी चुनौतियों पर चर्चा कर व्यावहारिक समाधान खोज सकेंगे।
इन सात प्रमुख क्षेत्रों पर रहेगा विशेष ध्यान
कॉन्क्लेव के दौरान शहरी विकास के भविष्य को लेकर सात महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा की जाएगी, जो आधुनिक शहरों की जरूरतों को पूरा करने में सहायक होंगी:
- पैदल चलने का अधिकार (Right to Walk): शहरों में निरंतर फुटपाथ, सुरक्षित स्कूल ज़ोन, बेहतर पैदल यात्री क्रॉसिंग और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी के माध्यम से सड़कों को सुरक्षित और सुलभ बनाना।
- जल, अपशिष्ट और संसाधन दक्षता: केवल बुनियादी ढांचे के निर्माण तक सीमित न रहकर, पानी की बर्बादी कम करने, उपचारित जल के पुन: उपयोग और कचरे से मूल्य प्राप्त करने पर जोर देना।
- किफायती आवास: किराए के आवास की बढ़ती मांग, सरल नियामक मंजूरी, भूमि और वित्त तक बेहतर पहुंच और जलवायु-लचीली निर्माण तकनीकों को अपनाना।
- एकीकृत शहरी विकास और बुनियादी ढांचा वितरण: विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय, एकीकृत उपयोगिता नियोजन और जीआईएस (GIS) आधारित प्रणालियों के माध्यम से बुनियादी ढांचे के नियोजन में सुधार करना।
- शहरी सेवा वितरण के नए प्रतिमान: नगर पालिकाओं की वित्तीय स्थिति मजबूत करना, स्पष्ट संस्थागत जिम्मेदारी और निजी क्षेत्र के साथ साझेदारी के माध्यम से बेहतर सेवाएं देना।
- मॉडल बिल्डिंग बाय-लॉज़: भवन निर्माण की मंजूरी की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए मौजूदा नियामक ढांचे की समीक्षा करना।
दिग्गज हस्तियां और विशेषज्ञ होंगे शामिल
इस भव्य कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के राज्य मंत्री तोखन साहू द्वारा किया जाएगा। इस अवसर पर ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।
कार्यक्रम में नीति आयोग के सीईओ अनुराग जैन और नीति आयोग के सदस्य राजीव गौबा भी मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। इस आयोजन को सफल बनाने में HUDCO और NBCC प्रमुख प्रायोजक के रूप में सहयोग कर रहे हैं, जबकि नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन अफेयर्स (NIUA) नॉलेज पार्टनर की भूमिका निभा रहा है।