अग्निवीरों को उत्तराखंड में नौकरी! सीएम धामी ने दी बड़ी मंजूरी

Ghazala Saheb16 October 20262 min read0 viewsBihar
अग्निवीरों को उत्तराखंड में नौकरी! सीएम धामी ने दी बड़ी मंजूरी

अग्निवीर उत्तराखंड नौकरी के अवसर को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक बहुत ही महत्वपूर्ण और सकारात्मक निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए पहले बैच के दो अग्निवीरों को राज्य की 40वीं पीएसी (PAC) बटालियन में शामिल करने की मंजूरी दे दी है।

अग्निपथ योजना के योद्धाओं को मिलेगा नया अवसर

जानकारी के अनुसार, अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए अग्निवीरों का पहला बैच नवंबर 2026 में अपनी सेवा पूरी कर भारतीय सेना से मुक्त होने वाला है। केंद्र सरकार के अनुरोध पर, उत्तराखंड सरकार ने इन प्रशिक्षित युवाओं को राज्य की सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा बनाने का निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री कार्यालय से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, यह नियुक्ति 40वीं पीएसी बटालियन में उपलब्ध रिक्तियों के आधार पर की जाएगी। इससे न केवल इन युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि राज्य की पुलिस बल को भी अनुशासित और अनुभवी सैनिक प्राप्त होंगे।

सीएम धामी ने की योजना की सराहना

"प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में शुरू की गई अग्निपथ योजना देश के युवाओं में अनुशासन, राष्ट्र सेवा और कर्तव्य के प्रति समर्पण की भावना को मजबूत कर रही है। भारतीय सेना में सेवा के दौरान अग्निवीरों द्वारा अर्जित कौशल और अनुभव एक अमूल्य राष्ट्रीय संपत्ति है।"

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार अग्निवीरों के योगदान और उनकी क्षमताओं का सम्मान करती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन युवाओं को राज्य में सेवा करने के अवसर प्रदान करना उत्तराखंड के हित में है, क्योंकि उनके पास सैन्य अनुभव और विशेषज्ञता है जो राज्य के काम आएगी।

केंद्र सरकार के प्रस्ताव पर मिली हरी झंडी

यह पूरा मामला तब सामने आया जब भारत सरकार के संयुक्त सचिव द्वारा एक पत्र भेजा गया था। पत्र में सूचित किया गया था कि अग्निपथ योजना के तहत भर्ती अग्निवीरों का पहला बैच नवंबर 2026 में अपनी सेवा पूरी कर लेगा। केंद्र ने उत्तराखंड से दो अग्निवीरों को समायोजित करने का प्रस्ताव मांगा था।

मुख्यमंत्री ने इस प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए तुरंत मंजूरी दे दी। यह कदम राज्य के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य को सुरक्षित करने और राष्ट्र सेवा के उनके संकल्प को समर्थन देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

Share:

Comments

Leave a comment