सैनिकों के लिए रुका सीएम धामी का काफिला, जवानों को दी दिवाली की बधाई

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गढ़ी कैंट में सेना के जवानों से मुलाकात कर उन्हें दिवाली की शुभकामनाएं दीं और उनके साहस की सराहना की।

Ghazala Saheb8 November 20262 min read0 viewsBihar
सैनिकों के लिए रुका सीएम धामी का काफिला, जवानों को दी दिवाली की बधाई

देहरादून में रविवार को एक बेहद भावुक और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने सरकारी आवास की ओर लौटते समय गढ़ी कैंट में तैनात भारतीय सेना के जवानों के प्रति अपना सम्मान प्रकट किया।

जवानों से मिलकर मुख्यमंत्री ने बढ़ाया उत्साह

मुख्यमंत्री धामी जब अपने काफिले में सवार होकर लौट रहे थे, तभी उनकी नजर गढ़ी कैंट में तैनात सेना के जवानों पर पड़ी। जवानों के प्रति अपना स्नेह और सम्मान जताने के लिए उन्होंने तुरंत अपना काफिला रुकवा दिया। उन्होंने न केवल जवानों से मुलाकात की, बल्कि इस पावन पर्व दीपावली के अवसर पर उन्हें हार्दिक शुभकामनाएं भी दीं।

देश की सुरक्षा और जवानों का बलिदान

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने भारतीय सेना के शौर्य और अटूट प्रतिबद्धता की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि देश के नागरिक जिस शांति और सुरक्षा के साथ अपने त्योहार मना पाते हैं, उसका पूरा श्रेय हमारे वीर जवानों की निरंतर सतर्कता को जाता है।

"राष्ट्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हमारे बहादुर सैनिक दिन-रात पूरी निष्ठा, समर्पण और अदम्य साहस के साथ अपना कर्तव्य निभाते हैं, ताकि देशवासी एक सुरक्षित वातावरण में अपने त्योहार मना सकें।"

मुख्यमंत्री ने आगे जोर देते हुए कहा कि सैनिकों की यह निस्वार्थ सेवा पूरे देश के लिए देशभक्ति का एक मानक है। उनका बलिदान और राष्ट्र के प्रति समर्पण हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

दिवाली का महत्व और उत्सव

दीपावली, जिसे रोशनी का त्योहार भी कहा जाता है, दुनिया भर में हिंदू, जैन, सिख और अन्य समुदायों द्वारा हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। यह पर्व बुराई पर अच्छाई और अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक है।

इस वर्ष पांच दिवसीय दिवाली उत्सव की शुरुआत 6 नवंबर को धनतेरस के साथ हुई थी, जिसके बाद 7 नवंबर को छोटी दिवाली मनाई गई। मुख्य पर्व और लक्ष्मी पूजा आज मनाई जाएगी, जिसके बाद 10 नवंबर को गोवर्धन पूजा और 11 नवंबर को भाई दूज का पर्व मनाया जाएगा।

Share:

Comments

Leave a comment