वैशाली नाव हादसा: गंगा में नाव पलटने से 11 मासूमों की मौत

Ghazala Saheb14 October 20263 min read0 viewsBihar
वैशाली नाव हादसा: गंगा में नाव पलटने से 11 मासूमों की मौत

बिहार के वैशाली जिले में हुए इस भीषण वैशाली नाव हादसा ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। गंगा नदी में एक नाव के अचानक अनियंत्रित होकर पलटने से कम से कम 11 मासूम बच्चों की जान चली गई। यह हादसा उस समय हुआ जब ग्रामीण एक दावत में शामिल होने के लिए नदी पार कर रहे थे।

कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?

मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना 13 अक्टूबर 2026 की शाम को रघुपोर दियारा क्षेत्र के रामपुर श्यामचंद गांव के पास हुई। शाम करीब 8:00 से 8:30 बजे के बीच, जब नाव में लगभग 15 से 30 यात्री सवार थे, वह बीच धारा में अचानक अपना संतुलन खो बैठी। नाव में सवार अधिकांश लोग गांव के निवासी थे जो एक उत्सव या दावत में जा रहे थे।

मृतकों की संख्या पर अलग-अलग दावे

हादसे के बाद से ही मृतकों की संख्या को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आ रहे हैं। वैशाली की जिला मजिस्ट्रेट वर्षा सिंह ने पुष्टि की है कि कई बच्चों की जान गई है। शुरुआती रिपोर्टों में 11 मौतों की बात कही गई थी, जबकि कुछ अन्य बयानों में 15 वर्ष या उससे कम उम्र के 13 बच्चों की मौत का जिक्र है। वहीं, स्थानीय विधायक और विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने एक वीडियो के माध्यम से दावा किया कि अब तक 14 शव बरामद किए जा चुके हैं। प्रशासन अभी भी सटीक संख्या का मिलान करने में जुटा है।

बचाव कार्य और प्रशासन की कार्रवाई

हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमें मौके पर पहुंच गईं। बचाव दल ने पूरी रात नदी में तलाशी अभियान चलाया। प्रशासन अब मृतकों की पहचान और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी करने में लगा है।

मुआवजे का ऐलान

इस त्रासदी पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गहरा शोक व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस घटना पर गहरा दुख जताते हुए मासूमों की जान जाने को हृदयविदारक बताया है।
उन्होंने मृतकों के परिजनों को ₹4 लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। साथ ही, उन्होंने अधिकारियों को जीवित बचे लोगों के लिए तत्काल चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस घटना पर गहरा दुख जताया है। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख देने की मंजूरी दी है। इसके अलावा, दुर्घटना में घायल हुए लोगों के लिए ₹50,000 की सहायता राशि भी निर्धारित की गई है।

हादसे के पीछे के संभावित कारण

बिहार के नदीय क्षेत्रों में इस तरह के हादसे अक्सर होते रहते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन घटनाओं के पीछे कुछ मुख्य कारण हो सकते हैं:

  • अत्यधिक भीड़: नाव की क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाना।
  • सुरक्षा उपकरणों का अभाव: लाइफ जैकेट जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी।
  • रखरखाव की कमी: नावों की जर्जर स्थिति और उनका सही ढंग से रखरखाव न होना।

फिलहाल, प्रशासन इस बात की जांच कर रहा है कि क्या नाव के पास आवश्यक सुरक्षा मानक और यात्री सूची मौजूद थी।

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