वाल्मीकिनगर को बाढ़ प्रभावित घोषित करने की मांग, विधायक ने उठाई आवाज

पश्चिम चंपारण जिले के बगहा और वाल्मीकिनगर विधानसभा क्षेत्र में बाढ़ के कारण पैदा हुए संकट को लेकर अब मांगें तेज होने लगी हैं। स्थानीय विधायक सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा ने बिहार सरकार से इन क्षेत्रों को आधिकारिक तौर पर बाढ़ प्रभावित घोषित करने की मांग की है, ताकि प्रभावित लोगों को उचित सहायता मिल सके।
फसलों की बर्बादी से किसानों पर आर्थिक संकट
विधायक ने क्षेत्र की मौजूदा स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि बाढ़ के कारण खेतों में खड़ी धान और गन्ना समेत अन्य महत्वपूर्ण फसलें पूरी तरह पानी में डूब गई हैं। खेतों में लंबे समय तक पानी जमा रहने की वजह से फसलें सड़ने लगी हैं, जिससे किसानों को व्यापक आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से अपील की है कि बाढ़ प्रभावित किसानों को फसल क्षति के मद में तत्काल राहत उपलब्ध कराई जाए, जिससे प्रभावित परिवारों को दोबारा खेती-किसानी शुरू करने में मदद मिल सके।
बीमारियों के खतरे को लेकर प्रशासन से मांग
फसलों के नुकसान के साथ-साथ विधायक ने स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को भी प्रमुखता से उठाया है। उन्होंने जिला एवं अनुमंडल प्रशासन से मांग की है कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता और उनके वितरण को सुनिश्चित किया जाए। इसके अलावा, उन्होंने गांवों में नियमित रूप से ब्लीचिंग पाउडर के छिड़काव पर जोर दिया है। विधायक का कहना है कि बाढ़ का पानी उतरने के बाद जलजनित बीमारियों और संक्रमण का खतरा काफी बढ़ जाता है, इसलिए समय रहते स्वच्छता संबंधी उपाय करना बेहद जरूरी है।
राहत कार्यों में जुटे स्वयंसेवक
विधायक सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा ने बताया कि वे केवल मांग ही नहीं कर रहे, बल्कि जमीनी स्तर पर भी मदद पहुंचा रहे हैं। उनके स्वयंसेवक बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच राहत सामग्री का वितरण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर प्रभावित लोगों तक आवश्यक सहायता पहुंचाने के लिए राहत कार्य निरंतर जारी रखेंगे।