विक्रमशिला सेतु का कायाकल्प: कंक्रीट की जगह अब स्टील रेलिंग से बढ़ेगी मजबूती

Ghazala Saheb17 October 20262 min read0 viewsBihar
विक्रमशिला सेतु का कायाकल्प: कंक्रीट की जगह अब स्टील रेलिंग से बढ़ेगी मजबूती

भागलपुर की लाइफलाइन माने जाने वाले विक्रमशिला सेतु का कायाकल्प करने के लिए काम अब युद्ध स्तर पर चल रहा है। सेतु को पहले से कहीं अधिक हल्का और मजबूत बनाने के लिए तकनीकी विशेषज्ञ लगातार तीन पालियों में 24 घंटे काम कर रहे हैं। इस मरम्मत परियोजना के तहत सेतु के ढांचे को आधुनिक और सुदृढ़ बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

वजन कम करने के लिए बड़ा तकनीकी बदलाव

पुल की मजबूती और भार वहन करने की क्षमता को बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण तकनीकी बदलाव किया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, पुल पर लगे सालों पुराने और भारी-भरकम कंक्रीट के ढांचे, रेलिंग और फुटपाथ को पूरी तरह से हटा दिया जाएगा।

परियोजना की मुख्य विशेषताएं:

  • पुराने और भारी कंक्रीट की रेलिंग को हटाया जाएगा।
  • उसकी जगह अत्याधुनिक, अत्यधिक मजबूत और वजन में हल्की स्टील रेलिंग लगाई जाएगी।
  • फुटपाथ के निर्माण में भी हल्के स्टील का उपयोग किया जाएगा।

इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि सेतु का कुल वजन कम हो जाएगा, जिससे इसकी भार वहन क्षमता बढ़ेगी और पुल की उम्र भी कई साल लंबी हो जाएगी।

काम की प्रगति और महत्वपूर्ण समय-सीमा

मरम्मत कार्य के दौरान सेतु के दूसरे स्लैब की कटिंग का काम सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। प्रशासन ने इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए एक सख्त समय-सीमा तय की है ताकि जनता को जल्द राहत मिल सके।

लक्ष्य और महत्वपूर्ण तारीखें:

  1. 31 दिसंबर 2026: पुल का मुख्य निर्माण कार्य और स्लैब बदलने का काम हर हाल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
  2. जनवरी 2027 के शुरुआती हफ्ते: मुख्य ढांचे का काम पूरा होने के बाद फिनिशिंग का कार्य किया जाएगा।
  3. जनवरी 2027 के मध्य (मकर संक्रांति तक): पुल को पूरी तरह से आम जनता और यातायात के लिए खोल दिया जाएगा।

प्रशासन की इस योजना से भागलपुर, नवगछिया और सीमांचल के लाखों लोगों को लंबे समय से हो रही जाम की समस्या से हमेशा के लिए निजात मिल सकेगी।

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