विकसित भारत- जी राम जी योजना: बिहार में मास्टर ट्रेनर्स की ट्रेनिंग शुरू

बिहार के ग्रामीण विकास विभाग ने 'विकसित भारत- जी राम जी योजना' को धरातल पर उतारने के लिए कमर कस ली है। इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए विभाग अब राज्य के पदाधिकारियों और कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दे रहा है। वर्तमान में पटना में 'वीबी-जी राम जी अधिनियम, 2025' के तहत अनुमेय कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन पर आधारित राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
पटना में चल रहा है विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पटना स्थित दशरथ मांझी श्रम एवं नियोजन अध्ययन संस्थान में आयोजित किया जा रहा है। बिहार रूरल डेवलपमेंट सोसाइटी के तत्वावधान में आयोजित इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य जिला स्तर पर प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनरों का एक सक्षम समूह तैयार करना है।
हर जिले से तैयार होगा विशेषज्ञों का दल
योजना की सफलता के लिए विभाग ने एक बेहद व्यवस्थित रणनीति तैयार की है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:
- प्रतिभागियों का चयन: प्रत्येक जिले से 5 महत्वपूर्ण पदाधिकारियों को मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया जा रहा है।
- कौन ले रहा है प्रशिक्षण: इसमें जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता, कनीय अभियंता और कार्यक्रम पदाधिकारी जैसे तकनीकी एवं प्रशासनिक कर्मी शामिल हैं।
- प्रशिक्षण का विस्तार: ये मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद अपने संबंधित जिले और प्रखंड स्तर के अन्य पदाधिकारियों तथा तकनीकी कर्मियों को प्रशिक्षित करेंगे।
NIRDPR हैदराबाद का मिल रहा है सहयोग
इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम को राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान (NIRDPR), हैदराबाद द्वारा आवश्यक सहयोग प्रदान किया जा रहा है। हाल ही में एनआईआरडीपीआर के विशेषज्ञों द्वारा मास्टर ट्रेनरों को गहन प्रशिक्षण दिया गया है, जिसके बाद अब प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम को सुचारू रूप से चलाने के लिए इसे पाँच बैचों में विभाजित किया गया है, जिसमें प्रत्येक बैच में 35 से 40 प्रतिभागियों को शामिल किया जा रहा है। इस पहल से अधिनियम के तहत होने वाले कार्यों में एकरूपता, दक्षता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने में बड़ी मदद मिलेगी। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद सभी जिलों में निर्धारित समय सीमा के भीतर जिला एवं प्रखंड स्तरीय कर्मियों को प्रशिक्षित कर लिया जाएगा।