बदलती दुनिया में भारत की मजबूती का मंत्र: उपराष्ट्रपति

Ghazala Saheb3 October 20261 min read0 viewsBihar
बदलती दुनिया में भारत की मजबूती का मंत्र: उपराष्ट्रपति

नई दिल्ली में आयोजित पांचवें कौटिल्य आर्थिक सम्मेलन (Kautilya Economic Conclave) में उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन ने भारत के आर्थिक भविष्य को लेकर एक महत्वपूर्ण विजन साझा किया। उन्होंने कहा कि बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, बदलते वैश्विक व्यापार और तकनीक की तीव्र प्रगति के बीच भारत की आर्थिक मजबूती इस बात पर निर्भर करेगी कि देश इन बदलावों के प्रति कितना लचीला और अनुकूल रहता है।

वैश्विक बदलावों के साथ तालमेल जरूरी

सम्मेलन का मुख्य विषय "Resilience in an Age of Flux" (बदलाव के युग में लचीलापन) रखा गया है। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति ने नीति निर्माताओं को सलाह देते हुए कहा कि उन्हें वैश्विक परिस्थितियों पर पैनी नजर रखनी चाहिए।

"नीति निर्माताओं को हमेशा जमीनी हकीकत और मौजूदा स्थिति को समझना चाहिए। हमें नीतियां बनाने में इतना लचीला होना चाहिए कि नीति स्वयं एक बड़ी सफलता बन सके।"

राधाकृष्णन ने रेखांकित किया कि वर्तमान वैश्विक वातावरण में बदलाव की गति बहुत तेज है। उन्होंने मुख्य चुनौतियों के रूप में निम्नलिखित बिंदुओं को गिनाया:

  • भू-राजनीतिक तनाव: दुनिया भर में राजनीतिक तनाव
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