अररिया: विश्व खाद्य दिवस पर बच्चों ने लिया खाना न बर्बाद करने का संकल्प

अररिया जिले के फारबिसगंज अंतर्गत तिरसकुंड पंचायत स्थित प्राथमिक विद्यालय आदिवासी टोला मधुरा में शुक्रवार को विश्व खाद्य दिवस के अवसर पर एक विशेष चेतना सत्र का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को खाद्य पदार्थों के महत्व, पोषण और भोजन की बर्बादी रोकने के प्रति जागरूक करना था।
भूख और पोषण के प्रति बढ़ाई जागरूकता
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिक्षक कुमार राजीव रंजन ने बच्चों को विश्व खाद्य दिवस के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि हर साल 16 अक्टूबर को यह दिवस मनाया जाता है, जो दुनिया भर में भूख को मिटाने, बेहतर पोषण सुनिश्चित करने और टिकाऊ खाद्य प्रणालियों के निर्माण की आवश्यकता पर जोर देने का एक बड़ा अवसर है।
उन्होंने आगे जानकारी दी कि एफएओ (FAO) द्वारा इस बार "आज नवाचार करें, कल पोषण करें" का संदेश दिया गया है। यह दिन न केवल खाद्य सुरक्षा बल्कि विश्व इतिहास, संस्कृति और मनोरंजन जगत की महत्वपूर्ण घटनाओं को याद करने का भी माध्यम है।
भोजन की बर्बादी रोकने का सामूहिक संकल्प
कार्यक्रम के दौरान एक भावुक और महत्वपूर्ण क्षण तब आया जब विद्यालय के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और रसोईया ने मिलकर एक सामूहिक संकल्प लिया। सभी ने पूरी निष्ठा के साथ यह प्रण लिया कि वे भविष्य में भोजन या किसी भी प्रकार के खाद्य पदार्थ को कभी भी बर्बाद नहीं करेंगे।
अन्य महत्वपूर्ण दिवसों पर भी हुई चर्चा
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विद्यालय प्रधान मिथिलेश कुमार सिंह ने बच्चों और उनके अभिभावकों को विद्यालय की छुट्टियों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। इसके साथ ही, सत्र को और अधिक ज्ञानवर्धक बनाने के लिए अन्य शिक्षकों ने भी विभिन्न विषयों पर चर्चा की:
- रंजीत कुमार मंडल: युवा शिक्षक ने 'विश्व रीढ़ दिवस' के महत्व पर प्रकाश डाला।
- संजीत कुमार निगम: सह-शिक्षक ने 'विश्व एनेस्थीसिया दिवस' के बारे में विशेष जानकारी दी।