भारत को विश्व गुरु बनाने में शिक्षकों की अहम भूमिका: योगी आदित्यनाथ

Prakriti Singh4 October 20262 min read0 viewsUttar Pradesh
भारत को विश्व गुरु बनाने में शिक्षकों की अहम भूमिका: योगी आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि एक जागरूक और मूल्यों से प्रेरित शिक्षक भारत को पुनः 'विश्व गुरु' बनाने में निर्णायक भूमिका निभा सकता है। वे लखनऊ के राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय में आयोजित 'प्रांतीय शिक्षक सम्मान कार्यशाला' को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने छात्रों के भीतर केवल ज्ञान ही नहीं, बल्कि चरित्र, कर्तव्य बोध और देशभक्ति की भावना विकसित करने पर जोर दिया।

संस्कृति और मूल्यों की नींव है भारतीयता

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बात पर बल दिया कि भारतीय संस्कृति केवल परंपराओं का समूह नहीं है, बल्कि यह उन जीवन मूल्यों की नींव है जो मनुष्य को सही दिशा प्रदान करती है। उन्होंने कहा:

"एक जागरूक और मूल्य-आधारित शिक्षक छात्रों में न केवल ज्ञान का विकास कर सकता है, बल्कि उनके चरित्र और राष्ट्र के प्रति समर्पण को भी मजबूत कर सकता है, जो भारत को विश्व गुरु बनाने के लिए आवश्यक है।"

यह कार्यशाला गायत्री तीर्थ शांतिकुंज के निर्देश पर आयोजित की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य 'भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा' के माध्यम से कक्षा 5 से लेकर कॉलेज स्तर तक के विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, नैतिकता और जीवन के आदर्शों से जोड़ना है।

गायत्री परिवार के योगदान की सराहना

मुख्यमंत्री ने अखिल विश्व गायत्री परिवार के सांस्कृतिक और रचनात्मक कार्यों की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने युगऋषि पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य के प्रयासों को याद करते हुए कहा कि उन्होंने समाज के हर वर्ग तक भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना को पहुँचाने के लिए अथक परिश्रम किया। उन्होंने कहा कि विचार कभी मरते नहीं हैं और गायत्री परिवार इसका जीवंत उदाहरण है।

इस अवसर पर उन्होंने परम वंदनीय माता भगवती देवी शर्मा के त्याग, तपस्या और समर्पण को भी याद किया, जिन्होंने समाज में सद्भाव बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए।

सांस्कृतिक मूल्यों का प्रसार

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे देव संस्कृति विश्वविद्यालय के उपाध्यक्ष डॉ. चिन्मय पांड्या ने कहा कि भारतीय संस्कृति "आत्मवत् सर्व भूतेषु" और "मातृवत् परदरेजु" जैसे शाश्वत मूल्यों पर आधारित है। उन्होंने बताया कि पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा शुरू की गई भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा आज देश भर के लाखों छात्रों और स्कूलों तक पहुँच चुकी है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अखिल विश्व गायत्री परिवार की ओर से स्मृति चिह्न, गंगाजली और रुद्राक्ष की माला भेंट की गई। साथ ही, भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले उत्तर प्रदेश के शीर्ष दस स्कूलों को भी सम्मानित किया गया। इस गरिमामयी कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, विधायक राजेश्वर सिंह और शांतिकुंज के कई प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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